Last Updated on : 02 February 2012 17:20:27
राज्य क्षतिपूर्ति वनीकरण कोष प्रबंधन एवं योजना प्राधिकरण (CAMPA)
प्रदेश में क्षतिपूर्ति वनीकरण एवं प्रत्याशा मूल्य के रुप में विभिन्न संस्थानों द्वारा जमा की गई राशि के योजनाबद्ध उपयोग हेतु राज्य क्षतिपूर्ति वनीकरण, कोष प्रबंधन एवं योजना प्राधिकरण (CAMPA) का गठन जुलाई, 2009 में किया गया है। इस प्राधिकरण द्वारा नई दिल्ली स्थित Ad-hoc Campa में कुल 1883.68 करोड़ की राशि अब तक जमा की गई है, जिसके विरुद्ध भारत सरकार द्वारा Ad-hoc CAMPA मद से राज्य कैम्पा को 357.98 करोड़ का आबंटन किया गया है। राज्य कैम्पा द्वारा अनुमोदित वार्षिक योजनाओं के आधार पर इस राशि का उपयोग क्षतिपूर्ति वनीकरण, वनों के संरक्षण एवं संवर्धन, वानिकी विस्तार, अनुसंधान एवं प्रशिक्षण, वन्य जंतु संरक्षण, विभागीय अधोसंरचना विकास, वन सुरक्षा तथा सूचना प्रौद्योगिकी के विकास में किया जा रहा है
- राज्य कैम्पा की निधि से कार्य वार्षिक योजना तैयार कर संचालन समिति के अनुमोदन के उपरांत कराया जाता है। वर्तमान में वर्ष 2009-10, 2010-11 एवं 2011-12 की वार्षिक कार्य योजना स्वीकृत है, जिसके अनुसार कार्य कराया जा रहा है।
- वर्ष 2009-10 की योजना 123.21 करोड़, वर्ष 2010-11 की योजना 135.20 करोड़ के लिए स्वीकृत की गई है, जबकि वर्ष 2011-12 की स्वीकृत राशि 400.37 करोड़ के विरुद्ध एड-हॉक कैम्पा से 99.57 करोड़ राशि प्राप्त हुई है।
- कैम्पा की वार्षिक कार्य योजना में 04 मुख्य शीर्ष निर्धारित किए गए हैं, जिसमें क्षतिपूर्ति रोपण निधि, एन. पी. व्ही. निधि, अनुश्रवण-मूल्यांकन एवं राज्य कैम्पा का स्थापना व्यय सम्मिलित है।
क्षतिपूर्ति वनीकरण
वन संरक्षण अधिनियम 1980 के प्रावधानों के अंतर्गत गैर वानिकी प्रयोजन हेतु उपलब्ध करायी गयी वन भूमि पर रखे वनों की प्रतिपूर्ति हेतु क्षतिपूर्ति वनीकरण कार्य कैम्पा का एक प्रमुख दायित्व है। फलस्वरूप राज्य कैम्पा निधि के ए. पी. ओ. से वर्ष 2009-10 एवं 2010-11 में क्रमशः 4361.63 एवं 2294.526 हैक्टेयर में क्षतिपूर्ति वनीकरण का कार्य स्वीकृत किया गया, जिसके विरुद्ध वर्ष 2009-10 में 4206.20 हैक्टेयर एवं वर्ष 2010-11 में 1681.404 हैक्टेयर में रोपण का कार्य पूर्ण किया गया है, साथ ही वर्ष 2011-12 में लगभग 1800 हेक्टेयर क्षेत्रफल में रोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है ।
वन संवर्धन एवं वृक्षारोपण कार्य
- भारत सरकार, पर्यावरण एवं वन मंत्रालय द्वारा जून 2009 में जारी मार्गदर्शिका के अनुसार कैम्पा निधि से नैसर्गिक वन क्षेत्रों के संवर्धन एवं वनीकरण किया जाना भी निर्धारित किया गया है । फलस्वरूप इस निधि से अब तक 3808 हेक्टेयर में आंवला रोपण, सिंचित रोपण, विशेष प्रजाति, बांस रोपण इत्यादि का कार्य कराया गया है । इसके साथ ही वर्ष 2010-11 के ए.पी.ओ. से एन.पी.व्ही.मद में समस्त वन वत्तों में 695 किलोमीटर लंबाई में सड़क किनारे वृक्षारोपण कार्य कराया ग्या है तथा वर्ष 2011-12 में 21000 हेक्टेयर सघन वनों में नैसर्गिक पुनरोत्पादन को प्रोत्साहित करने हेतु वन वर्धनिक कार्य स्वीकृत किया गया है जिस पर 15.00 करोड़ व्यय किया जावेगा ।
- संरचना विकास कार्यः-
- वर्ष 2009-10 के ए. पी. ओ. से विभिन्न वन वृत्तों में 35 कार्यालयीन एवं 300 आवासीय भवन स्वीकृत किये गये हैं। इसी प्रकार वर्ष 2010-11 के ए. पी. ओ. से 132 आवासीय भवन स्वीकृत किये गये हैं। इस प्रकार कैम्पा निधि से कुल 467 भवनों का निर्माण किया गया है। जिससे भवन संबंधी मूलभूत अधोसंरचना का विकास किया गया है।
- वन तथा वन्य जीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु वन मंडल स्तरीय एवं परिक्षेत्र स्तरीय स्ट्राईक फोर्स का गठन किया गया है जिसके उपयोग हेतु कुल 250 वाहन क्रय कर उपलब्ध कराया गया है।
व्यय की जानकारी
राज्य कैम्पा के ए.पी.ओ. 2009-10, 2010-11 एवं 2011-12 में स्वीकृत योजनाओं पर कुल 11191.97 लाख की राशि व्यय की गयी है । मदवार व्यय की गयी राशि का विवरण निम्नानुसार हैः-
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अ.क्र. |
मद का नाम |
व्यय की गयी राशि (राशि लाख में ) |
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1 |
क्षतिपूर्ति वनीकरण |
2173.65 |
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2 |
वनीकरण |
5170.86 |
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3 |
वन सुरक्षा |
1069.41 |
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4 |
सूचना प्रणाली का विकास |
109.78 |
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5 |
अनुसंधान एवं प्रशिक्षण |
288.17 |
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6 |
कर्मचारी सुविधायें एवं अधोसंरचना विकास |
1473.02 |
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7 |
संरक्षित क्षेत्र का विकास एवं जैव विविधता संरक्षण |
837.37 |
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8 |
औषधीय पौधों का विकास |
21.88 |
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9 |
कैम्पा का स्थापना व्यय |
47.83 |
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योगः- |
11191.97 |
राज्य कैम्पा के ए.पी.ओ. 2011-12 में निम्नलिखित 03 नई योजनाओं को शामिल किया गया हैः-
- पथरोपण/नहर रोपण/नदी तटबंध रोपणः- मार्गो, नदियों तथा नहरों के किनारे उपलब्ध पड़त भूमियों पर पर्यावरणीय संकटों के निराकरण तथा ग्रामीण उत्पादकता में वृद्धि हेतु इस प्रकार के रोपणों का प्रावधान किया गया है। वर्ष 2011-12 में इस योजना के अंतर्गत शिवनाथ नदीतट तथा राज्य की प्रमुख नहरों के किनारे 1500 हेक्टेयर में रोपण हेतु क्षेत्र तैयारी का प्रावधान किया गया है ।
- ऑक्सीवन रोपणः- प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में वायु एवं ध्वनि प्रदूषण की रोकथाम हेतु आक्सीवन योजना (शहरी वनीकरण) का क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत 50 हेक्ट. से अधिक उपलब्ध भूमि पर सघन वनीकरण का कार्य किया जावेगा, जिससे शहरी क्षेत्रों के नागरिकों को एक ऐसा मानव निर्मित वन उपलब्ध हो सकेगा, जिससे ध्वनि/वायुप्रदूषण की रोकथाम हो सके। वर्ष 2011-12 में 300 हेक्टेयर क्षेत्र में कार्य किये जाने का प्रावधान किया गया है ।
- शहरी वनीकरण योजना (Urban Forestry) :- शहरी क्षेत्रों में 5 हेक्ट. से कम छोटे-छोटे क्षेत्रों में जनसहयोग से शहरी वनीकरण योजना का प्रावधान किया गया है। जिसमें स्थानीय निकाय तथा शासकीय भूमि पर रोपण किया जावेगा। जिनकी सुरक्षा का दायित्व स्थानीय समुदायों का होगा। वर्ष 2011-12 में इस योजना के अंतर्गत 200 हेक्टेयर में कार्य किये जाने का प्रावधान किया गया है।
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