देश के वानिकी अनुसंधान संस्थानों द्वारा वानिकी क्षेत्रों में किये गये शोध का प्रसार-प्रचार छत्तीसगढ़ राज्य में करना, विभागीय रोपणों व निजी क्षेत्रों के कृषि वानिकी कृषकों अथवा उद्योगपतियों को रोपण हेतु उच्च गुणवत्ता के रोपण योग्य पौधों की उपलब्धता करना, कृषकों व विभागीय क्षेत्रीय कर्मचारियों को रोपणी एवं रोपण संबंधी जानकारियों की जागरुकता में वृद्धि करना।
वित्तीय वर्ष 2011-12 में मुख्य प्रजातियों का बीज संग्रहण
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क्र . |
प्रजाति का नाम |
मात्रा कि.ग्रा.में |
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1 |
सागौन |
16051 |
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2 |
बांस |
450 |
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3 |
महुआ |
160 |
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4 |
बीजा |
29 |
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5 |
निलगिरी |
32 |
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6 |
खम्हार |
67 |
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7 |
बहेडा |
87 |
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8 |
हर्रा |
55 |
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9 |
साजा |
11 |
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10 |
काला सिरस |
10 |
नरेन्द्र देव विश्वविद्यालय, फैजाबाद (उ.प्र.) के वैज्ञानिकों के सहयोग व मार्गदर्शन में विश्व विद्य़ालय के प्रायोगिक क्षेत्र से प्राप्त उन्नत किस्म के आंवला के पौधों से जोरा रोपणी, रायपुर में विभिन्न प्रजातियों जैसे NA-4, NA-5, NA-6, NA-7 एवं Krishna के 910 सफल ग्राफ्टेड पौधे तैयार किये गये।
डाबर इंडिया के सहयोग से वृहतपंचामूल औषधि हेतु तीन प्रजातियों - बेल, खम्हार व महारूख का प्रायोगिक रोपण रायपुर वन मंडल अन्तर्गत पचेडा स्थित प्रदर्शन प्रक्षेत्र में किया गया है।
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वन मंडल का नाम |
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पौधों की संख्या |
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रायपुर |
: |
25,67,083 |
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बिलासपुर |
: |
23,47,900 |
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जगदलपुर |
: |
2,98,152 |
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स्थल का नाम |
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संख्या |
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नया रायपुर |
: |
01 |
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दुर्ग |
: |
01 |
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जगदलपुर (मेटागुड़ा) |
: |
01 |
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बिलासपुर (सकरी) |
: |
01 |
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क्लोनल सीड और्चड |
क्षेत्रफल 218.9 हेक्टे. प्रजाति -सागौन,निलगिरी,खम्हार,आंवला एवं मिश्रित (कुल स्थल-19) |
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सिडलिंग सीड और्चड |
क्षेत्रफल 138.80 हेक्ट. प्रजाति-सागौन,निलगिरी,खम्हार,आंवला,बीजा, ईमली,शिश्शू,सिरस एवं मिश्रित (कुल स्थल-24) |
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सीड प्रोडक्शन एरिया |
क्षेत्रफल 660.255 हेक्टे. प्रजाति -सागौन,साजा,निलगिरी,खम्हार,धावडा,आंवला,बीजा एवं अन्य (कुल स्थल-27) |
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प्रदर्शन क्षेत्र |
क्षेत्रफल 15..00 हेक्टे. प्रजाति-निलगिरी एवं मिश्रितव (कुल स्थल-1) |