Last Updated on : 02 February 2012 15:08:45

Research & Extension


मैन्डेट


देश के वानिकी अनुसंधान संस्थानों द्वारा वानिकी क्षेत्रों में किये गये शोध का प्रसार-प्रचार छत्तीसगढ़ राज्य में करना, विभागीय रोपणों व निजी क्षेत्रों के कृषि वानिकी कृषकों अथवा उद्योगपतियों को रोपण हेतु उच्च गुणवत्ता के रोपण योग्य पौधों की उपलब्धता करना, कृषकों व विभागीय क्षेत्रीय कर्मचारियों को रोपणी एवं रोपण संबंधी जानकारियों की जागरुकता में वृद्धि करना।


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अनुसंधान एवं विस्तार शाखा मुख्यालय की पद संरचना



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अनुसंधान एवं विस्तार शाखा के अंतर्गत चल रही योजनायें एवं अन्य गतिविधियॉं


अनुसंधान एवं विस्तार शाखा के अंतर्गत निम्‍नलिखित योजनायें एवं अन्य गतिविधियॉं वर्तमान में संचालित हो रही है: 
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1. हरियाली प्रसार योजना


हरियाली प्रसार योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2009-10 में 69 लाख पौधा तैयारी का लक्ष्य रखा गया था जिसे तैयार कर कृषकों की भूमि पर वर्ष 2010-11 में रोपित किया गया । वर्ष 2011-12 हेतु 35 लाख पौधों के रोपण का लक्ष्य रखा गया।  जिसके विरूद्ध लगभग 33 लाख पौधे वर्षा ऋतु 2011 में रोपित किये जा चुके हैं । तीनों अनुसंधान एवं विस्‍तार वनमंडलों में हरियाली प्रसार योजना के अंतर्गत 100-100 किसान रोपणी की स्थापना की जा रही है ताकि दूरस्थ अंचलों में रहने वाले किसानों को सहजता से उनके द्वारा मांग की गई प्रजातियों के पौधे उपलब्ध कराये जा सके ।
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2. बीज संग्रहण


वित्तीय वर्ष 2011-12 में मुख्‍य प्रजातियों का बीज संग्रहण

क्र.

प्रजाति का नाम

मात्रा  कि.ग्रा.में

1

सागौन

16051

2

बांस

450

3

महुआ

160

4

बीजा

29

5

निलगिरी

32

6

खम्‍हार

67

7

बहेडा

87

8

हर्रा

55

9

साजा

11

10

काला सिरस

10


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3. टिश्यू कल्चर लैब


  • टिश्यू कल्चर लैब अनुसंधान एवं विस्तार रायपुर एवं बिलासपुर वनमंडल में है। 
  • टिश्यू कल्चर लैब रायपुर में बांस के विभिन्न प्रजातियों पर कार्य चल रहा है, जिनमें बैम्बूसा टुल्डा, बैम्बूसा न्यूटन्स, बैम्बूसा बालकोवा, बैम्बूसा वल्गारिस, शीशम एवं खम्हार की प्रजाति शामिल है। 
  • टिश्यू कल्चर लैब रायपुर की क्षमता विकास हेतु एक अतिरिक्त कक्ष व मिस्ट चैम्बर का निर्माण के साथ-साथ शैड हाउस का निर्माण भी किया गया है। 

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4. उन्नत आंवला जर्मप्लाज्म निर्माण


नरेन्द्र देव विश्वविद्यालय, फैजाबाद (उ.प्र.) के वैज्ञानिकों के सहयोग व मार्गदर्शन में विश्व विद्य़ालय के प्रायोगिक क्षेत्र से प्राप्त उन्नत किस्म के आंवला के पौधों से जोरा रोपणी, रायपुर में विभिन्न प्रजातियों जैसे NA-4, NA-5, NA-6, NA-7 एवं Krishna के 910 सफल ग्राफ्‌टेड पौधे तैयार किये गये।


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5. डाबर इंडिया के सहयोग से वृहतपंचामूल प्रायोगिक रोपण


डाबर इंडिया के सहयोग से वृहतपंचामूल औषधि हेतु तीन प्रजातियों - बेल, खम्हार व महारूख का प्रायोगिक रोपण रायपुर वन मंडल अन्तर्गत पचेडा स्थित प्रदर्शन प्रक्षेत्र में किया गया है। 


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6. नर्सरी प्रभारियों का प्रशिक्षण


  • वर्ष 2010-11 में 50 नर्सरी प्रभारियों को नर्सरी तकनीक का प्रशिक्षण दिया गया। 
  • वर्ष 2011-12 में नर्सरी प्रभारियों एवं किसान रोपणी से संबंधित कृषकों को नर्सरी तकनीक के संबंध में प्रशिक्षण दिया जाना प्रस्तावित है । 
  • नर्सरी प्रशिक्षण में टी. एफ. आर. आई. जबलपुर के वैज्ञानिकों का सहयोग भी लिया जाता है। 

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7. केन्द्रीय रोपणियों में गुणवत्तायुक्त पौधों का उत्पादन


वर्ष 2011-12 में अनुसंधान एवं विस्तार वन मंडलों में निम्नानुसार पौधों का उत्पादन किया गया है

वन मंडल का नाम              

 

पौधों की संख्‍या

रायपुर

:

25,67,083

बिलासपुर

:

23,47,900

जगदलपुर

:

2,98,152


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8. कैम्पा मद में प्रस्तावित हाईटेक नर्सरी की स्थापना


कैम्पा मद के अंतर्गत अनुसंधान एवं विस्तार वनमंडलों में निम्नानुसार हाईटेक नर्सरी की स्थापना प्रस्तावित है :-

स्थल का नाम

 

संख्‍या

नया रायपुर

:

01

दुर्ग

:

01

जगदलपुर (मेटागुड़ा)

:

01

बिलासपुर (सकरी)

01


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9. क्लोनल सीड औचर्ड, सिडलिंग सीड औचर्ड, सीड प्रोडक्शन एरिया का संधारण


क्लोनल सीड और्चड

क्षेत्रफल 218.9 हेक्टे. प्रजाति -सागौन,निलगिरी,खम्हार,आंवला एवं मिश्रित              (कुल स्थल-19)

सिडलिंग सीड और्चड

क्षेत्रफल 138.80 हेक्ट. प्रजाति-सागौन,निलगिरी,खम्हार,आंवला,बीजा, ईमली,शिश्शू,सिरस एवं मिश्रित (कुल स्थल-24)

सीड प्रोडक्शन एरिया

क्षेत्रफल 660.255 हेक्टे. प्रजाति -सागौन,साजा,निलगिरी,खम्हार,धावडा,आंवला,बीजा एवं अन्य (कुल स्थल-27)

प्रदर्शन क्षेत्र

क्षेत्रफल 15..00 हेक्टे. प्रजाति-निलगिरी एवं मिश्रितव  (कुल स्थल-1)


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