Research & Extension


गठन का उद्‌देश्य


  • चयनित प्रजातियों के उत्तम कोटि के बीजों का उत्पादन, संग्रहण, भण्डारण और वितरण ।
  • महत्वपूर्ण प्रजातियों के उन्नत पौधों का उत्पादन एवं वितरण।
  • राज्य में निजी क्षेत्र में वानिकी को बढ़ावा देने एवं प्रोत्साहन हेतु तकनीकी जानकारी तथा सुविधाएं उपलब्ध कराना।उपरोक्त उद्‌देश्यों की प्राप्ति हेतु मुखय वन संरक्षक (अनुसंधान एवं विस्तार), के तकनीकी मार्गदर्शन में कार्य करने हेतु प्रदेश के तीनों कृषि-जलवायु क्षेत्रों में रायपुर, बिलासपुर एवं जगदलपुर में अनुंसधान एवं विस्तार वनमंडलों की स्थापना की गई है। इन वनमंडलों द्वारा वनों की उत्पादकता बढ़ाने हेतु बीज उत्पादक क्षेत्रों एवं बीज उद्यानों की स्थापना की गई है। वर्तमान में अनुसंधान एवं विस्तार वनमंडल, रायपुर के वनमंडलाधिकारी के पद को समाप्त करते हुये शेष इकाईयों तथा शेष समस्त अमले को वनमंडलाधिकारी, रायपुर के अंतर्गत समाहित किया गया है।


अनुसन्धान एवं विस्तार प्रभाग की संरचना




3. हरियाली प्रसार योजना के अंतर्गत वर्ष 2015-16 में 20 दिसम्बर 2015 तक आबंटित राशि


वित्तीय वर्ष 2015-16 में कुल प्राप्त बजट आबंटन

(लाख में)

वृत्त का नाम

मद का नाम

 

कार्यवार कुल आबंटित राशि (लाख में)

पौधा तैयारी (विभागीय)

पौधा क्रय हेतु राशि

परिवहन, रोपण एवं अन्य संबंधित कार्य

विगत 02 वर्षो के जीवित पौधों पर रखरखाव हेतु अनुदान एवं खाद , दवा की राशि

योग

1

2

3

4

5

6

7

8

4100.00

जगदलपुर

41-2406 (2533)

0

222.81

529.55

73.00

825.36

योग जगदलपुर

0

222.81

529.55

73.00

825.36

कांकेर

41-2406 (2533)

12.25

245.64

391.65

23.99

673.53

योग कांकेर

12.25

245.64

391.65

23.99

673.53

सरगुजा

41-2406 (2533)

5.63

95.00

176.43

40.11

317.17

योग सरगुजा

5.63

95.00

176.43

40.11

317.17

दुर्ग

64-2406 (2533)

45.05

253.68

519.35

15.61

833.69

योग दुर्ग :-

45.05

253.68

519.35

15.61

833.69

बिलासपुर

 

64-2406 (2533)

9.00

297.36

241.63

5.20

553.19

10-2406 (2533)

91.18

0.00

257.03

0.84

349.05

योग बिलासपुर

100.18

297.36

498.66

6.04

902.24

रायपुर

64-2406 (2533)

0

45.29

91.60

6.23

143.12

10-2406 (2533)

0

15.31

44.03

0

59.34

योग रायपुर

0

60.60

135.63

6.23

202.46

4100

महायोग

163.11

1175.09

2251.27

164.98

3754.45



4. 10-2406 (5089) राज्य में वानिकी अनुसंधान मद में वर्ष 2015-16 हेतु राशि रू. 125 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है, जिससे बीजोद्यान क्षेत्रों का रखरखाव कराया जाता है।




5. (4475) सामाजिक वानिकी योजना मद में 20 दिसम्बर 2015 तक आबंटित राशि


मद का नाम

बजट प्रावधान

वित्त बजट शाखा से प्राप्त कुल आबंटन

कुल आबंटित राशि

रायपुर

बिलासपुर

जगदलपुर

योग

2 मजदूरी

2

2

0.80

0.80

0.40

2.00

009 विज्ञापन एवं प्रचार

1.50

1.50

0.49

0.50

0.51

1.50

24  अनुरक्षण कार्य

 

 

 

 

 

 

001 मोटर गाड़ी,

2.25

2.25

0.75

0.74

0.76

2.25

002 मशीन उपकरण,

1.87

1.87

0.62

0.61

0.64

1.87

012 अन्य अनुरक्षण कार्य

1.30

1.30

0.43

0.43

0.44

1.30

025 सामाग्री और पूर्तियां

 

 

 

 

 

 

006 अन्य व्यय

9.00

9.00

3.00

3.00

3.00

9.00

योग योजना-(4475)

17.92

17.92

6.09

6.08

5.75

17.92



6. छत्तीसगढ़ शासन, वन विभाग के पृ.क्र./1886/1969/2015/10-2/बजट,दिनांक 03.07.15 के द्वारा हरियाली प्रसार योजना वर्ष 2015-16 के संबंध में जारी मार्गदर्शी निर्देश निम्नानुसार है


योजना का संक्षिप्त विवरण

(1) योजना के अंतर्गत प्रतिवर्ष अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य समस्त वर्ग हेतु इच्छुक कृषकों को उनकी इच्छित प्रजाति के न्यूनतम 50 पौधे तथा अधिकतम 5000 पौधे प्रति कृषक रोपित कर हस्तांतरित किये जायेंगे। जहां तक ग्राफ्टेड फलदार पौधे के रोपण का प्रश्न है, प्रति कृषक अधिकतम 50 पौधे का रोपण किया जायेगा।

(2) इस रोपण में प्रति पौधा 22 रूपये सामान्य पौधों के लिये, 23.25 रुपये क्लोनल पौधों के लिये तथा 43.25 ग्राफ्टेड फलदार पौधों के लिये व्यय आंकलित है जिसमें प्रथम वर्ष में पौधा तैयारी, पौधा परिवहन, रोपण, 2 बार निदाई एवं खाद/ कीटनाशक तथा द्वितीय व तृतीय वर्ष में खाद/कीटनाशक व जीवित पौधों पर अनुदान का व्यय शामिल हैं।

रोपण हेतु प्रस्तावित प्रजातियां

खम्हार, बांस, सागौन, आंवला, कटहल, अमरूद, नींबू नीलगिरी, सिरस, मुनगा, शीशू, तथा शरीफा इत्यादि।

योजना के क्षेत्र

योजना राज्य के सभी जिलों में लागू की जायेगी। कम वन क्षेत्र वाले जिलों दुर्ग, जांजगीर-चांपा, बिलासपुर, मुंगेली, महासमुंद, रायपुर, बेमेतरा, बालोद तथा आदिवासी बहुल जिलों में मांग के अनुसार अधिक लक्ष्य दिया जावेगा।

योजना लागत

बजट उपलब्धता के आधार पर प्रतिवर्ष वित्तीय एवं भौतिक लक्ष्यों का निर्धारण किया जावेगा।

योजना से लाभ

 

1.   वामपंथ उग्रवाद एवं अन्य पिछड़े क्षेत्रों में रोजगार का सृजन

2.   प्रति वर्ष लगभग 20 लाख मानव दिवस रोजगार का सृजन।

3.   पड़त भूमि का विकास।

4.   आदिवासी एवं अन्य पिछड़े वर्गो के आय में वृद्धि।

5.   पर्यावरण में सुधार।

6.   वनोपज के उत्पादन में वृद्धि।

गैर वनभूमि में वानिकी विस्तार।



योजना के अंतर्गत 03 वर्षों में किये जाने वाले व्यय का नॉर्म्स निम्नानसाुर है


क्र.

पौधों का प्रकार

अधिकतम प्रति पौधा व्यय 03 वर्षों में

1

साधारण पौधा

22/-

2

क्लोनल पौधा

23.25/-

3

फलदार ग्राफ्टेड पौधा

43.25/-



योजना के अंतर्गत मदवार व्यय का नॉर्म्स निम्नानुसार है


वर्ष

कार्य का विवरण

साधारण पौधा

क्लोनल पौधा

फलदार पौधा

प्रथम वर्ष

पौधे का मूल्य

7.25 रू.

8.50 रू.

28.50 रू.

परिवहन

2.00 रू.

2.00 रू.

2.00 रू.

स्टैकिंग, जुताई एवं रोपण

2.00 रू.

2.00 रू.

2.00 रू.

जुताई तथा निंदाई, गुढ़ाई

2.75 रू.

2.75 रू.

2.75 रू.

कीटनाशक एवं खाद्‌

2.00 रू.

2.00 रू.

2.00 रू.

प्रथम वर्ष का योग

16 रू.

17.25 रू.

37.25 रू.

द्वितीय वर्ष

जीवित पौधों हेतु रखरखाव/कीटनाशक एवं दवा

2.00 रू.

2.00 रू.

2.00 रू.

जीवित पौधों हेतु हितग्राही को रखरखाव हेतु अनुदान

1.00 रू.

1.00 रू.

1.00 रू.

द्वितीय वर्ष का योग

3.00 रू.

3.00 रू.

3.00 रू.

तृतीय वर्ष

जीवित पौधों हेतु रखरखाव/कीटनाशक एवं दवा

2.00 रू.

2.00 रू.

2.00 रू.

जीवित पौधों हेतु हितग्राही को रखरखाव हेतु अनुदान

1.00 रू.

1.00 रू.

1.00 रू.

तृतीय वर्ष का योग

3.00 रू.

3.00 रू.

3.00 रू.

महायोग

22.00 रू.

23.25 रू.

43.25 रू.



हरियाली प्रसार योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2014-15 में वृत्तवार रोपित पौधों का विवरण


क्र.

वृत्त का नाम

पौधा रोपण का विवरण (लाख में)

हितग्राहियों की कुल संखया

साधारण

क्लोनल

योग

1

2

3

4

5

6

1

दुर्ग

0

14.55

14.55

1109

2

रायपुर

2.76

0

2.76

462

3

बिलासपुर

2

0

2

389

4

सरगुजा

0

8.14

8.14

713

5

जगदलपुर

0

43.36

43.36

3067

6

कांकेर

0

26.86

26.86

3567

योग :-

4.76

92.91

97.67

9307



हरियाली प्रसार योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2015-16 में रोपण का वृत्तवार विवरण


क्र.

वृत्त का नाम

हितग्राही संखया

रोपित पौधों की संखया (लाख में)

साधारण पौधा

क्लोनल पौधा

ग्राफ्टेड फलदार पौधा

कुल पौधा

1

2

3

8

9

10

11

1

दुर्ग

5407

2.55

53.52

0.35

56.42

2

रायपुर

6797

0.50

15.00

0.00

15.50

3

बिलासपुर

18361

13.56

43.43

0.00

56.99

4

सरगुजा

2311

0.78

19.14

0.25

20.17

5

जगदलपुर

3074

0.00

60.52

0.00

60.52

6

कांकेर

10170

1.00

43.50

1.00

45.50

योग :-

46120

18.39

235.11

1.60

255.10

हरियाली प्रसार योजना के अंतर्गत प्रथम 05 वर्षों (2005-06 से 2009-10) में वर्ष 2005-06 में 27.03 लाख, वर्ष 2006-07 में 31.08 लाख, वर्ष 2007-08 में 17.45 लाख, वर्ष 2008-09 में 79.92 लाख एवं वर्ष 2009-10 में 03 लाख पौधे का रोपण कार्य कराया गया। इस प्रकार प्रथम 05 वर्षों में 158.48 लाख पौधे रोपित किये गये।



हरियाली प्रसार योजना के अंतर्गत द्वितीय 06 वर्षों में रोपित पौधों का विवरण


योजना का नाम

वित्तीय वर्ष

वर्षाऋतु

रोपित पौधों की संखया (लाख में)

हितग्राहियों की संखया

1

2

3

4

5

हरियाली प्रसार योजना (2533)

2010-11

2010

65.56

19414

2011-12

2011

33.50

9985

2012-13

2012

44.27

7542

2013-14

2013

43.84

6423

2014-15

2014

97.67

9307

2015-16

2015

255.10

46120

योग

539.94

98791

विगत 11 वर्षों में हरियाली प्रसार योजना के अंतगर्त कुल 6.98 करोड़ पौधों का रोपण कृषकों की भूमि पर किया गया है।



7. राज्य में 850 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में सीडलिंग सीड आचर्ड, क्लोनल सीड आचर्ड तथा सीडलिंग प्रोडक्शन एरिया की स्थापना की जाकर उच्च गुणवत्ता के बीज एकत्रित किये जाते है, जिनका उपयोग विभागीय नर्सरी में किया जाता है।


बीज उत्पादन की मात्रा (किलोग्राम में), बीज उद्यानों तथा अन्य क्षेत्रों से संग्रहित मुखय प्रजातियों के वर्तमान में उपलब्ध बीज की जानकारी निम्नानुसार हैः-

क्र.

प्रजाति का नाम

अनु. एवं वि. जगदलपुर वनमंडल

अनु. एवं वि. बिलासपुर वनमंडल

रायपुर वनमंडल

प्रजातिवार योग

1

2

3

4

5

6

1

सागौन

0.00

41000.00

18630.00

59630.00

2

बीजा

0.00

700.00

150.00

850.00

3

साजा

300.00

2000.00

0.00

2300.00

4

चार

50.00

0.00

50.00

100.00

5

खम्हार

100.00

0.00

50.00

150.00

6

बहेड़ा

700.00

0.00

200.00

900.00

7

हर्रा

600.00

0.00

500.00

1100.00

8

नीलगिरी

25.00

0.00

0.00

25.00

9

अकेशिया

200.00

0.00

0.00

200.00

10

मेंजियम

25.00

0.00

0.00

25.00

11

अमलतास

10.00

0.00

0.00

10.00

12

अर्जुन

500.00

0.00

0.00

500.00

13

कर्रा

20.00

0.00

0.00

20.00

14

बेल

20.00

0.00

0.00

20.00

15

इमली

1000.00

0.00

0.00

1000.00

16

महुआ

200.00

0.00

0.00

200.00

17

सेन्हा

20.00

0.00

0.00

20.00

18

काजू

7599.00

0.00

0.00

7599.00

19

शीशम

0.00

0.00

210.00

210.00

20

अंजन

0.00

0.00

100.00

100.00

वनमंडलवार योग

11369.00

43700.00

19890.00

74959.00




बीज संग्रहण हेतु प्रधान मुखय वन संरक्षक, छत्तीसगढ़ द्वारा स्वीकृत दर का विवरण


अनु क्र.

प्रजाति

स्वीकृत संग्रहण दर (कि.ग्रा.)

रिमार्क

1

2

3

4

1

सागौन

0.18 मा.दि.

प्रधान मुखय वन संरक्षक, छत्तीसगढ़ के आदेश क्रमांक/अनु. एवं वि./07, दिनांक 11.09.2014 के द्वारा बीज संग्रहण दर स्वीकृत। इन प्रजाति के अतिरिक्त अन्य प्रजातियों के बीज संग्रहण दर स्वीकृत किए जाने हेतु क्षेत्रीय मुखय वन संरक्षक, को अधिकृत किया गया।

2

खम्हार

0.24 मा.दि.

3

साजा

0.11 मा.दि.

4

काला सीरस

0.50 मा.दि.

5

सफेद सीरस

0.50 मा.दि.

6

बीजा

1.00 मा.दि.

7

शिश्शू

0.30 मा.दि.

8

अर्जुन

0.20 मा.दि.

9

नीम (गुदा सहित)

0.15 मा.दि.

10

बेल

0.40 मा.दि.



8. गोढ़ी टिशू कल्चर लैब रायपुर


गोढ़ी लैब में विगत वर्षो में 1. बैम्बूसा न्यूटांस, 2. बैम्बूसा टूल्डा, 3. बैम्बूसा बाल्कोवा, 4. बैम्बूसा वल्गैरिस, 5. डैन्ड्रो कैलेमस एस्पर तथा 6. सर्पगंधा प्रजाति का प्रोटोकॉल विकसित किया गया है। 
गोढ़ी स्थित टिशु कल्चर लैब में वर्ष 2010 से वर्तमान तक Bambusa-nutans, Bambusa-tulda, Bambusa-balcooa, Bambusa-vulgaris (yellow), Dendrocalamus-asper, Rauvolfia-serpentina एवं अन्य प्रजातियों के 12000 से अधिक पौधे तैयार किये गये है।
गोढ़ी स्थित टिशु कल्चर लैब में वर्तमान में बैम्बूसा न्यूटांस, बैम्बूसा टुल्डा, बैम्बूसा बाल्कोवा, सर्पगंधा, बैम्बूसा वल्गैरिस, डी-एस्पर एवं अन्य प्रजातियों के 3000 से अधिक पौधे उपलब्ध है। 
बैम्बूसा न्यूटांस के 1000, बैम्बूसा टुल्डा के 470, बैम्बूसा बाल्कोवा के 33, डी-एस्पर के 90 तथा बैम्बूसा वल्गैरिस के 55 पौधे इस प्रकार कुल 1648 पौधे महासमुंद परिक्षेत्र में प्रायोगिक रोपण हेतु माह मार्च 2015 में प्रदाय किये गये है।कुछ दुलर्भ प्रजाति जैसे शीशम (रोसवुड) Dalbergia latifolia एवं वनों में जो प्रजाति धीरे-धीरे विलुप्त हो रही है, जैसे बीजा तथा कुल्लू के पौधे टिशू कल्चर से तैयार करने हेतु प्रोटोकॉल प्राप्त करने बाबत्‌ प्रयास जारी है। 



Last Updated on : 02 January 2016 13:21:31 Copyright © 2013-14 Chhattisgarh Forest Department, All Rights Reserved. Site Powered by MIS CELL