इस योजना का क्रियान्वयन वनमंडलों की कार्य आयोजनाओं द्वारा निर्धारित कम घनत्व वाले विरले क्षेत्रो मे किया जाता है। ये क्षेत्र अधिकांशतः आबादी से घिरे हुए हैं तथा अत्यधिक चराई, निस्तार पूर्ति हेतु जैविक दबाव की वजह से बिगड़े वन के रुप मे हैं। अधिकांश क्षेत्रो में जड़ भण्डार की पर्याप्त मात्रा है जो कि विकृत रुप मे है। योजना का मुखय उददेश्य भू-जल संरक्षण कार्य करते हुए जड़ भण्डार एवं वृक्षारोपण से क्षेत्रा का पुर्नवास करना है । इस कार्य में संयुक्त वन प्रबंधन समितियों की पूर्ण सहभागिता रहती है, प्रथम वर्ष के कार्यों से लेकर अगले 5 वर्षों तक सुरक्षा आदि का कार्य समितियों के सहयोग से किया जाता है।
प्रथम वर्ष में सुधार कार्यों से प्राप्त वनोपज को शत प्रतिशत समितियों को प्रदाय किया जाता है तथा क्षेत्रों की समितियों द्वारा सामूहिक सुरक्षा करने के एवज में उन्हे इस हेतु निर्धारित राशि प्रदाय की जाती है।
राज्य के विभिन्न वनमंडलों की कार्य योजनाओं के अनुसार बिगड़े वनों का सुधार कार्य प्रबंधन वृत्त के अंतर्गत वर्षवार निम्नानुसार कार्य संपादित किया गया हैः-
|
वित्तीय वर्ष |
प्रथम वर्ष का
कार्य (हे.में) |
द्वितीय वर्ष
का कार्य(हे.में) |
पुराने रोपण
क्षेत्रों का रखरखाव (हे.में) |
|
2008-09 |
47000 |
53200 |
136800 |
|
2009-10 |
53000 |
58300 |
156000 |
|
2010-11 |
46000 |
18000 |
153000 |
|
2011-12 (दिसम्बर 11) |
36700 |
39399 |
158000 |
इस योजना के अंतर्गत वनमंडलों की कार्य आयोजनाओं द्वारा निर्धारित ऐसे बिगड़े बांस वन क्षेत्रों को लिया जाता है जहां पर बांस के भिर्रे जीर्ण-शीर्ण हो जाते हैं या अत्यधिक गुंथ जाते हैं जिसके फलस्वरुप वे अनुत्पादक हो जाते हैं। ऐसे क्षेत्रों में गुथे बांस भिर्रो की सफाई एवं मिट्टी चढ़ाई, बिना गुंथे हुए अविकसित भिर्रो में मिट्टी चढ़ाई तथा विरल क्षेत्रों में बांस वृक्षारोपण एंव रखरखाव द्वारा सुधार कार्य किया जाता है। बांस भिर्रो की सफाई एवं मिट्टी चढ़ाई से जहां अविकसित भिर्रे विकसित होते हैं तथा उसमें नये बासों की संखया में वृद्धि होती है तथा बास की गुणवत्ता में भी सुधार होता है। वर्षवार बिगड़े बांस वनों के सुधार कार्य का विवरण निम्नानुसार है :-
|
वित्तीय
वर्ष |
प्रथम
वर्ष का आर.डी.बी.एफ. कार्य (हे. में) |
|
2008-09 |
39500 |
|
2009-10 |
61100 |
|
2010-11 |
34200 |
|
2011-12 (दिसम्बर 11) |
45200 |
शहरी क्षेत्रों में पर्यावरण सुधार हेतु यह योजना संचालित की जा रही है। इस योजना के अंतर्गत राज्य के विभिन्न जिलों के शहरी क्षेत्रों में पर्यावरण सुधार की दृष्टि से वृक्षारोपण एवं अन्य इको टूरिज्म संबंधित कार्य किये जा रहे हैं। इस योजना के अंतर्गत पथ वृक्षारोपण का कार्य भी किया जा रहा है। वर्षवार प्राप्त राशि एवं व्यय का विवरण निम्नानुसार हैः-
|
वित्तीय वर्ष |
कार्य |
व्यय |
|
2008-09 |
स्मृति वन रायपुर, संजय उद्यान अम्बिकापुर, आसना पर्यावरण वन, इंदिरा उद्यान पेंड्रा के रखरखाव, वन महोत्सव, पथ वृक्षारोपण/ तैयारी/ रखरखाव एवं पर्यटन स्थलों का रखरखाव, चैतुरगढ़ पर्वत पर स्थित पर्यटन स्थल का विकास, बाघनदी कक्ष क्र. 595 में फलदार वृक्षारोपण, बोतलदा पर्यटन पार्क रायगढ़, भूपदेवपुर आदि के रखरखाव |
874.42 |
|
2009-10 |
पर्यावरण पार्को एवं पर्यटन स्थलों का रखरखाव, पथ वृक्षारोपण एवं रखरखाव, हनुमानगढ़ी का विकास एवं सौंदर्यीकरण, कटघोरा वनमंडल, महामाया आक्सीजन सेंटर, अम्बिकापुर का निर्माण आदि |
789.31 |
|
2010-11 |
पर्यावरण पार्को एवं पर्यटन स्थलों का रखरखाव, हनुमानगढ़ी का विकास एवं सौंदर्यीकरण कटघोरा, स्मृति वन रायपुर, संजय उद्यान अम्बिकापुर, आसना पर्यावरण वन, इंदिरा उद्यान पेंड्रा के रखरखाव |
705.04 |
|
2011-12 (दिसम्बर 11) |
पर्यावरण पार्को एवं पर्यटन स्थलों का रखरखाव, स्मृति वन रायपुर, वनवाटिका कानन पेण्डारी, खूंटाघाट उद्यान, सोनडोंगरी पहाड़ी, बिलासाताल एवं मदकूद्धीय, हनुमानगढ़ी का विकास एवं सौंदर्यीकरण कटघोरा, रामझरना ईको पार्क, अशोक वाटिका, आसना पर्यावरण वन, इंदिरा उद्यान पेंड्रा के रखरखाव, लक्ष्मी देवी वाटिका, सिद्धार्थ वन, रामटेकरी वन, वन महोत्सव, रामानुजगंज जलायशय एवं तातापानी ईको पार्क, पंचवटी केशकाल, संजय वन वाटिका, मां बम्लेश्वरी पार्क, ईशान वन आदि |
138.35 |
बिगडे वनों का सुधार बिगडे बांस वनों का सुधार कार्य प्रबंधन वृत्तों के अतिरिक्त अन्य प्रबंधन कार्य वृत्तों के प्रावधानित क्षेत्रों में निम्नानुसार कार्य किया गया है –
वर्ष 2009-10
|
कार्य वृत्त |
उपलब्धि(हे में) |
|
भू एवं जल संरक्षण/वाटरशेड मैनेजमेंट वर्किंग सर्किल |
66000 |
|
प्रोटेक्शन वर्किंग सर्किल |
42300 |
|
स्पेशल साल रिहेबिलिटेशन वर्किंग सर्किल |
400 |
|
तेजी से बढने वाले वृक्षारोपण |
1100 |
|
अतिक्रमण व्यवस्थापन के बदले वृक्षारोपण |
2400 |
|
मेन फेंलिग के कूपों में पुनरोत्पादन कार्य |
81000 |
|
एस.सी.आई./आई.डब्ल्यू.सी. कूपों में छठवें वर्ष का वन वर्धनिक कार्य |
19500 |
|
पुराने बांस वृक्षारोपण क्षेत्रों में छठवें वर्ष का वन वर्धनिक कार्य |
4255 |
वर्ष 2010-11
|
कार्य वृत्त |
उपलब्धि (हे में) |
|
भू एवं जल संरक्षणा/वाटरशेड मैनेजमेंट वर्किंग सर्किल |
52087 |
|
प्रोटेक्शन वर्किंग सर्किल |
46056 |
|
स्पेशल साल रिहेबिलिटेशन वर्किंग सर्किल |
180 |
|
तेजी से बढने वाले वृक्षारोपण |
214 |
|
अतिक्रमण व्यवस्थापन के बदले वृक्षारोपण |
565 |
|
मेन फेंलिग के कूपों में पुनरोत्पादन कार्य |
56533 |
|
एस.सी.आई./आई.डब्ल्यू.सी. सी कूपों में छठवें वर्ष का वन वर्धनिक कार्य |
12970 |
|
पुराने बांस वृक्षारोपण क्षेत्रों में छठवें वर्ष का वनर्धनिक कार्य |
2622 |
वर्ष 2011-12
|
कार्य वृत्त |
उपलब्धि (हे में) (दिसम्बर 11) |
|
भू एवं जल संरक्षण/वाटरशेड मैनेजमेंट वर्किंग सर्किल |
39126 |
|
प्रोटेक्शन वर्किंग सर्किल |
39468 |
|
स्पेशल साल रिहेबिलिटेशन वर्किंग सर्किल |
635 |
|
तेजी से बढने वाले वृक्षारोपण |
503 |
|
अतिक्रमण व्यवस्थापन के बदले वृक्षारोपण |
100 |
|
मेन फेंलिग के कूपों में पुनरोत्पादन कार्य |
28507 |
|
एस.सी.आई./आई.डब्ल्यू.सी. कूपों में छठवें वर्ष का वन वर्धनिक कार्य |
23090 |
|
पुराने बांस वृक्षारोपण क्षेत्रों में छठवें वर्ष का वनर्धनिक कार्य |
3238 |
इस योजना में मांग संखया 10 एवं 41 के अंतर्गत वन विभाग के विभिन्न स्तर पर कार्यालय निर्माण, विभागीय कर्मचारियों/अधिकारियों हेतु आवासीय भवनों का निर्माण, वनमार्ग उन्नयन कार्य कराया जाता है।
वर्षवार कार्य निम्नानुसार है : (राशि लाख में)
|
वित्तीय वर्ष |
भवनों की संख्या |
बजट प्रावधान |
व्यय राशि |
|
2008-09 |
177 भवन निर्माण |
700.00 |
694.82 |
|
2009-10 |
255 कार्यालय एवं आवास भवन तथा 20 कि.मी.वनमार्ग उन्नयन |
950.00 |
939.40 |
|
2010-11 |
200 कार्यालय भवन एवं आवास तथा 20 कि.मी.वनमार्ग उन्नयन |
790.00 |
789.84 |
|
2011-12 (दिसम्बर11) |
150 आवासीय भवन एवं 50 कि.मी. वनमार्ग उन्नयन |
940.00 |
13.07 |
निजी भूमि में पौधा रोपण को प्रोत्साहित करने के लिए विभाग ने पौधा प्रदाय योजना प्रारंभ की है जिसके अंतर्गत किसी भी भू-स्वामी को 1000 पौधे की सीमा तक 1 रूपये प्रति पौधों की रियायती दर पर उसकी मांग अनुसार पौधे प्रदाय किये जाते हैं। योजना अंतर्गत वर्ष 2010-11 मे 49-85 लाख पौधे नर्सरी में ग्रामीण को वितरण किया गया। दिसम्बर 2011 तक 32 लाख पौधे तैयार किए गए है तथा 35-85 पौधे का वितरण किया गया है।
वनेत्तर क्षेत्रों में वानिकी के प्रसार हेतु विभाग ने वित्तीय वर्ष 2005-06 में हरियाली प्रसार योजना लागू की है। योजना अंतर्गत भूमि स्वामी को उनके द्वारा अपनी पड़त भूमि में न्युनतम 250 तथा अधिकतम 1000 पौधे की सीमा तक गढ्ढे खोदने की स्थिति में पौधा रोपण के अन्य समस्त व्यय जैसे पौधा तैयारी, रोपण, निंदाई, खाद, कीटनाशक आदि पर होने वाले व्यय, विभाग द्वारा भारित किये जाते हैं। योजना अंतर्गत वर्ष 2008-09 में 75.98 लाख पौधे हितग्राहियों द्वारा रोपित किये गये हैं।
प्रदेश की बारहमासी नदियों के तटों पर भू-क्षरण रोकने एवं नदियों में पानी के बहाव को बनाये रखने के उद्देश्य से विभाग द्वारा नदी तट वृक्षारोपण योजना प्रारंभ की गई है। योजना अंतर्गत वर्ष 2010-11 में 9.80 लाख पौधों का रोपण किया गया है एवं दिसम्बर 2011 तक 289 हे. में नदी तट वृक्षारोपण किया गया है।
इस योजनांतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य मार्गों, जिला मुखय मार्गों तथा ग्रामीण मार्गों के किनारे वृक्षारोपण कार्य किया जाता है। वित्तीय वर्ष 2010-11 में 91 कि.मी. में पथ वृक्षारोपण किया गया है। दिसम्बर 2011 तक 97 कि.मी. तैयारी तथा 33.50 कि.मी. रोपण कार्य किया गया है।
इस योजना अंतर्गत वनक्षेत्रों से गुजरने वाले 13500 कि-मी- वनमार्गों पर रपटा/पुलिया निर्माण किया जाता है जिससे आंतरिक क्षेत्रों में रहने वाले वनवासियों वनग्रामवासी के आवागमन तथा वनोपज निकासी में सुविधा हो सके। वित्तीय वर्ष 2010-11 मे 232 रपटा/पुलिया का निर्माण किया गया है। दिसम्बर 2011 तक 360 रपटा/पुलिया निर्माण कार्य प्रगति पर है।
प्रदेश में वन क्षेत्रों के प्रबंधन हेतु वनमंडलवार अनुमोदित कार्य आयोजनाओं के प्रावधानों के अनुसार रिक्त एवं बिगड़े वनक्षेत्रों में वृक्षारोपण कार्य कराया जाता है। तीन वर्षों में वन विभाग द्वारा वनक्षेत्रों में वनीकरण की दिशा में किये गए प्रयास निम्नानुसार हैं -
|
वर्ष |
रोपित पौधों की संख्या (पौधें लाखों में) |
|
2009.10 |
337.00 |
|
2010.11 |
424.57 |
|
2011.12 |
431.00 |
प्रदेश में वनक्षेत्रों के अधीन कुल 427 वनग्राम अधिसूचित हैं जिसमें से 02 वनग्राम वीरान/डूब में हैं। सुदूर वनांचलों में स्थित होने तथा इन ग्रामों मे विकास के कार्य की पर्याप्त स्वीकृति न मिलने के फलस्वरूप यह वनग्राम अन्य राजस्व ग्रामों की तुलना में अत्यंत पिछडे हुए हैं। भारत सरकार जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा वनग्रामों के विकास हेतु एकीकृत वनग्राम विकास योजना स्वीकृत की गई है। यह योजना वर्ष 2005-06 से लागू है।
योजना के क्रियान्वयन की प्रगति निम्नानुसार है :-
|
· वनग्राम जिनकी योजना स्वीकृत |
415 वनग्राम |
|
· कुल स्वीकृत राशि |
रू . 12711.87 लाख |
|
· कुल प्राप्त राशि |
रू . 11054.37 लाख |
|
· अक्टूबर 2011 तक व्यय |
रू . 9890.44 लाख |
|
· कुल स्वीकृत कार्य |
9370 कार्य |
|
· कार्य पूर्ण |
7998 कार्य |
|
· कार्य प्रगति पर |
1372 कार्य |
13 वें वित्त आयोग की अनुसंशा से प्राप्त अनुदान योजनांतर्गत उपलब्धि का विवरण - (राशि लाखों में)
|
क्र . |
कार्य का विवरण |
इकाई |
वर्ष 2010-11 |
वर्ष 2011-12 (दिस.11) | ||
|
भौतिक |
वित्तीय |
भौतिक |
वित्तीय | |||
|
1 |
2 |
3 |
4 |
5 |
6 |
7 |
|
1 |
नक्सल प्रभावित क्षेत्रा में वन चौकियों का निर्माण |
संख्या |
99 |
1180 |
99 |
1188 |
|
2 |
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्थित वनमंडल कार्यालयों में जनरेटर की स्थापना |
संख्या |
43 |
155.5 |
45 |
155.3 |
|
3 |
समुदायिक संगठन एवं क्षमता विकास /प्रशिक्षण |
संख्या |
400 |
62.94 |
. |
670 |
|
4 |
वनग्रामों में मूलभूत सुविधाओं का विकास |
100 तालाब |
599.5 |
तालाब , स्टाप डेम निर्माण |
700 | |
|
5 |
स्वयं सेवी संस्थाओं के माध्यम से एकीकृत जीविकोपार्जन परियोजनाए का क्रियान्वयन |
संख्या |
बांस ,एम.एफ.पी. लाख संग्रहण एवं प्रसंस्करण, वर्मी कम्पोस्ट |
76.05 |
बांस ,एम.एफ.पी. लाख, वर्मी कम्पोस्ट |
431 |
|
6 |
वनमार्गो का उन्नयन |
कि .मी. |
114 |
1253 |
131 |
1259 |
|
7 |
बिगड़े वनों का सुधार |
|||||
|
अ .सर्वे, सीमांकन कार्य तथा प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयारी |
हेक्टेयर |
98088 |
997.8 |
79700 |
231.1 | |
|
ब .वृक्षारोपण |
हेक्टेयर |
1435 |
800 |
216.2 | ||
|
8 |
बांस वनों का पुनरोद्धार |
- |
||||
|
अ .बिगड़े बांस वनों का सुधार |
हेक्टेयर |
8651 |
339.1 |
- |
- | |
|
ब .बांस प्रसंस्करण केन्द्र की स्थापना |
संख्या |
16 |
- |
300 | ||
भारत सरकार द्वारा पारित राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारण्टी अधिनियम 2005 के प्रावधान अंतर्गत केन्द्र शासन द्वारा अधिसूचित क्षेत्रों में निवासरत् समस्त ग्रामीण परिवारों के एक वयस्क सदस्य को एक वित्तीय वर्ष में 100 दिन का रोजगार प्राप्त करने की पात्राता दी गई है । छत्तीसगढ़ शासन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा उपरोक्त अधिनियम के अंतर्गत छत्तीसगढ़ ग्रामीण रोजगार गारण्टी योजना प्रारंभ की गई है । वन विभाग द्वारा इस योजनांतर्गत बिगड़े वनों का सुधार, बिगड़े बांस वनों का सुधार, पथ वृक्षारोपण, मिश्रित वृक्षारोपण, बांस वृक्षारोपण, आवागमन सुविधा हेतु पहुंच मार्ग का निर्माण/उन्नयन, जल संवर्धन एवं संरक्षण कार्य और अन्य रोजगार मूलक कार्य किए जा रहे हैं।
इस योजना के अंतर्गत किए गए कार्यों का वर्षवार विवरण निम्नानुसार हैः-
|
वर्ष |
योजनांतर्गत |
स्वीकृत कार्यों की प्रगति |
रोजगार |
||||
|
स्वीकृत कार्यों की संख्या |
स्वीकृत राशि |
प्राप्त राशि |
व्यय राशि |
पूर्ण |
प्रगति पर |
(मानव
दिवस) |
|
|
1 |
2 |
3 |
4 |
5 |
6 |
7 |
8 |
|
2008 |
2277 |
12141 |
9343.3 |
8803.02 |
1725 |
517 |
5706740 |
|
2009 |
2553 |
11443.6 |
7346.5 |
6972.66 |
1125 |
1428 |
7317223 |
|
2010 |
1506 |
8284.6 |
5168.8 |
2879.65 |
64 |
1442 |
802279 |
|
2011 |
1756 |
7554.23 |
5340.3 |
824.01 |
140 |
1057 |
73188 |
|
योग :- |
8092 |
39423.4 |
27199 |
19479.3 |
3054 |
4444 |
13899430 |
|
क्रमांक |
योजना का नाम |
प्रावधान |
व्यय |
|
|
10-2406-सामान्य योजना |
|
|
|
(2723) |
प्रशासन सुद`ढीकरण |
75 |
7.85 |
|
(1859) |
राज्य वन अनुसंधान संस्थान की स्थापना |
199.26 |
58 |
|
(6025) |
वन संसाधनों का सर्वेक्षण और उपयोग |
20 |
3.98 |
|
(2536) |
पर्यावरण वानिकी |
400 |
120.65 |
|
(2965) |
बिगडे वनों का सुधार |
1800 |
740.06 |
|
(5089) |
राज्य में वानिकी अनुसंधान |
110 |
30.33 |
|
(6723) |
संयुक्त वन प्रबंध सुदृढीकरण एवं विकास |
130 |
30.01 |
|
(6827) |
भूजल एवं जल संरक्षण कार्य |
1900 |
160.87 |
|
(1004) |
नदी तट वृक्षारोपण योजना |
200 |
51.88 |
|
(1902) |
तेजी से बढने वाले वृक्षारोपण बांस रोपण सहित |
240 |
55.16 |
|
(2533) |
हरियाली प्रसार योजना |
125 |
54.7 |
|
(2534) |
पौधा प्रदाय योजना |
50 |
28.13 |
|
(6724) |
बांस वनों का पुनरोद्धार |
800 |
256.92 |
|
(6828) |
पथ वृक्षारोपण |
330 |
46.84 |
|
(7563) |
अतिक्रमण व्यवस्थापन के बदले वृक्षारोपण |
150 |
110.32 |
|
(5420) |
राज्य औषधि वनस्पति मंडल की स्थापना |
400 |
200 |
|
(792) |
कर्मचारी कार्यालय योजना |
100 |
10.35 |
|
(6792) |
लघुवनोपज संग्राहक की सामूहिक बीमा योजना |
200 |
200 |
|
(7292) |
छ-ग- सर्टिफिकेशन सोसायटी |
15 |
15 |
|
(1859) |
राज्; वन अनुसंधान संस्थान की स्थापना |
245 |
0 |
|
(4342) |
सडकें तथा मकान निर्माण कार्य |
140 |
13.07 |
|
(6699) |
वन विकास उपकर निधि से व्यय |
1800 |
494.72 |
|
(6725) |
यूरोपियन कमीशन राज्य साझेदारी कायर्क्रम के अंतर्गत प्राप्त अनुदान |
1 |
0 |
|
(5538) |
एकीक`त वन सुरक्षा योजना |
1360 |
0 |
|
(7351) |
त्वरित वन क्षेत्र पुनरोद्धार/पुनरोत्पादन |
1 |
0 |
|
|
कुल योग - 10 |
10791.26 |
2688.8 |
|
|
41-2406 आदिवासी क्षेत्र उपयोजना |
|
|
|
(2536) |
पर्यावरण वानिकी |
400 |
18.3 |
|
(2962) |
बिगडे वनों का सुधार |
4300 |
1610.6 |
|
(6516) |
ग्राम वन समितियों के माध्यम से लघुवनोपज/ औषधि रोपण |
580 |
394.61 |
|
(6723) |
संयुक्त वन प्रबंध सुदृढीकरण एवं विकास |
200 |
0 |
|
(6827) |
भूजल एवं जल संरक्षण कार्य |
170 |
5.93 |
|
(1004) |
नदी तट वृक्षारोपण योजना |
380 |
149.67 |
|
(2533) |
हरियाली प्रसार योजना |
100 |
44.53 |
|
(2534) |
पौधा प्रदाय योजना |
60 |
14.54 |
|
(4475) |
सामाजिक वानिकी |
230 |
58.69 |
|
(5091) |
लोक संरक्षित क्षेत्रों की स्थापना |
241 |
121.98 |
|
(6724) |
बांस वनों का पुनरोद्धार |
2460 |
463.43 |
|
(6854) |
लाख विकास योजना |
200 |
200 |
|
(7563) |
अतिक्रमण व्यवस्थापन के बदले वृक्षारोपण |
150 |
67.33 |
|
(6792) |
लघुवनोपज संग्राहक की सामूहिक बीमा योजना |
300 |
300 |
|
(1902) |
तेजी से बढने वाले वृक्षारोपण बांस रोपण सहित |
250 |
26.4 |
|
(6992) |
वन अधिकारों की मान्यता |
100 |
0.03 |
|
(4342) |
सडकें तथा मकान निर्माण कार्य |
800 |
0 |
|
(6886) |
वनमार्गों पर रपटा तथा पुलिया निर्माएर |
2050 |
119.05 |
|
(792) |
कर्मचारी कल्याण योजना |
100 |
0 |
|
(7322) |
प्रसंस्करण इकाई |
250 |
0 |
|
(5231) |
लघु वनोपज कार्य हेतु लघु वनोपज संघ को अनुदान |
200 |
0 |
|
|
कुल योग - 41 |
13521 |
3595.1 |
|
|
64-2406-0103 अनुसूचित जातियों के लिए विशेष घटकयोजना |
|
|
|
(2962) |
बिगडे वनों का सुधार |
1800 |
657.06 |
|
(6723) |
संयुक्त वन प्रबंध सुद`ढीकरण एवं विकास |
100 |
0 |
|
(2533) |
हरियाली प्रसार योजना |
80 |
36.05 |
|
(2534) |
पौधा प्रदाय योजना |
40 |
4.49 |
|
(6724) |
बांस वनों का पुनरोद्धार |
1000 |
197.18 |
|
(6828) |
पथ वृक्षारोपण |
200 |
27.88 |
|
|
कुल योग - 64 |
3220 |
922.66 |
|
|
महायोग मांग संख्या - 10 $ 41 $ 64 |
27532.26 |
7206.6 |
वित्तीय वर्ष 2011-12 में बजट प्रावधान का विवरण निम्नानुसार है (राशि लाख रू. में) : -
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मद |
केन्द्रांश |
राज्यांश |
रक्षित निधियां |
विदेशी सहायता से प्राप्त |
योग |
|
मांग संख्या 10 (प्लान) |
1361.00 |
9429.26 |
- |
1.00 |
10791.26 |
|
मांग संख्या 41 (प्लान) |
200.00 |
13321.00 |
- |
- |
13521.00 |
|
मांग संख्या 64 (प्लान) |
- |
3220.00 |
- |
- |
3220.00 |
|
मांग संख्या 48 |
5614.00 |
- |
- |
- |
5614.00 |
|
योग - |
7175.00 |
25970.26 |
- |
1.00 |
33146.26 |