Development


बिगड़े वनों का सुधार


आबादी से घिरे तथा अत्यधिक चराई एवं निस्तार आपूर्ति का दबाव सहते हुए ऐसे वन क्षेत्र जिसका घनत्व कम हो गया है, उसे सामान्यतः बिगड़े वनो के रुप में वर्गीकृत किया जाता हैं। इन विरल वनक्षेत्रों को पुनः सघन क्षेत्रों में परिवर्तित करने के लिए, इन क्षेत्रों में उपलब्ध जल भंडार तथा रिक्त क्षेत्रों में वृक्षारोपण कर वन आवरण को पुनः स्थापित करने का प्रयास इस योजना में किया जाता है । साथ ही यह प्रयास भी किया जाता है कि क्षेत्र में मृदा एवं जल का संरक्षण करते हुए इन क्षेत्रों की उत्पादकता को बढाया जायें । ऐसे कार्यो की सफलता तभी सुनिश्चित हो सकती है जब स्थानीय निवासियों का सहयोग क्षेत्र के संरक्षण एवं संवर्धन संबंधी कार्यो में प्राप्त किया जायें । इस योजना में स्थानीय संयुक्त वन प्रबंधन समितियों का पूर्ण सहयोग प्राप्त किया जाता है और सुधार कार्य के प्रथम वर्ष में प्राप्त होने वाली वनोपज को समितियों को प्रदान किया जाता है । क्षेत्र की सुरक्षा के लिए बिगड़े वनों के सुधार की योजना में निर्धारित राशि इन समितियों को प्रदान की जाती है । 

राज्य के विभिन्न वनमंडलों की कार्य योजनाओं के अनुसार बिगड़े वनों का सुधार कार्य प्रबंधन वृत्त के अंतर्गत वर्षवार निम्नानुसार कार्य संपादित किया गया हैः-

वित्तीय वर्ष

रोपण/रोपण सहित
कार्य (हे.में)

पुराने रोपण क्षेत्रों का
रखरखाव (हे.में)

2012-13

27900

154400

2013-14

24600

249400

2014-15

45247

269803

2015-16

38055

257972



बांस वनों का पुनरोद्धार


इस योजना के अंतर्गत वनमंडलों की कार्य आयोजनाओं द्वारा निर्धारित ऐसे बिगड़े बांस वन क्षेत्रों को लिया जाता है जहां पर बांस के भिर्रे जीर्ण-शीर्ण हो जाते हैं या अत्यधिक गुंथ जाते हैं जिसके फलस्वरुप वे अनुत्पादक हो जाते हैं। ऐसे क्षेत्रों में गुथे बांस भिर्रो की सफाई एवं मिट्‌टी चढ़ाई, बिना गुंथे हुए अविकसित भिर्रो में मिट्‌टी चढ़ाई तथा विरल क्षेत्रों में बांस वृक्षारोपण एंव रखरखाव द्वारा सुधार कार्य किया जाता है। बांस भिर्रो की सफाई एवं मिट्‌टी चढ़ाई से जहां अविकसित भिर्रे विकसित होते हैं तथा उसमें नये बासों की संखया में वृद्धि होती है तथा बास की गुणवत्ता में भी सुधार होता है। वर्षवार बिगड़े बांस वनों के सुधार कार्य का विवरण निम्नानुसार  है :-

वित्तीय वर्ष

प्रथम वर्ष का सर्वे सीमांकन एवं आर.डी.बी.एफ. कार्य (हे. में)

2011-12

48026

2012-13

33250

2013-14

36057



पर्यावरण वानिकी


शहरी क्षेत्रों में पर्यावरण सुधार हेतु यह योजना संचालित की जा रही है। इस योजना के अंतर्गत राज्य के विभिन्न जिलों के शहरी क्षेत्रों में पर्यावरण सुधार की दृष्टि से वृक्षारोपण एवं पर्यावरण पार्क विकास संबंधित कार्य किये जा रहे हैं।  इस योजना के अंतर्गत पथ वृक्षारोपण, ऑक्सीजोन निर्माण का कार्य भी किया जा रहा है।  वर्षवार व्यय का विवरण निम्नानुसार हैः-
      (राशि लाख में)

वित्तीय वर्ष

कार्य

व्यय

2011-12

पर्यावरण पार्को एवं पर्यटन स्थलों का रखरखाव, स्मृति वन रायपुर, वनवाटिका कानन पेण्डारी, खूंटाघाट उद्यान, सोनडोंगरी पहाड़ी, बिलासाताल एवं मदकूद्धीय, हनुमानगढ़ी का विकास एवं सौंदर्यीकरण कटघोरा, रामझरना ईको पार्क, अशोक वाटिका, आसना पर्यावरण वन, इंदिरा उद्यान पेंड्रा के रखरखाव, लक्ष्मी देवी वाटिका, सिद्धार्थ वन, रामटेकरी वन, वन महोत्सव, रामानुजगंज जलायशय एवं तातापानी ईको पार्क, पंचवटी केशकाल, संजय वन वाटिका, मां बम्लेश्वरी पार्क, ईशान वन आदि

804.00

2012-13

पर्यावरण पार्को एवं पर्यटन स्थलों का रखरखाव, वन वाटिका रामानुजगंज, तातापनी ईको पार्करामानुजगंज जलाशय के पास टूरिज्म पार्क, संजय वाटिका, ईशान वन, आसना पार्क, फूलों वाली पहाड़ी, स्मृति वाटिका, कानन पेण्डारी, इंदिरा उद्यान, हनुमानगढ़ी, लखनीदेवी वाटिका तथा रामटेकरी उपवन के सौंदर्यीकरण एवं रखरखाव मॉं बम्बलेश्वरी, बिलाशाताल कोनी, हरिहर क्षेत्रा में मदकू द्वीप, शिवपार्क विकास कार्य, इंदिरा विहार, रामझरना एवं बोतल्दा अटल रॉक गार्डन, इंदिरा उद्यान पेण्ड्रा, खूंटाघाट सौन्दर्यीकरण एवं विकास, राजीव स्मृति वन, सोनडोंगरी, अशोक वाटिका, रायपुर नगर पालिका निगम क्षेत्रा अंतर्गत 13400 पौधा रोपण कार्य, वन महोत्सव कार्यक्रम अंतर्गत प्रत्येक वनमण्डल अंतर्गत 5-5 स्कूलों के लिए 50000-50000 पौधे लगाये जाने का लक्ष्य वर्ष 2012-13 में दिया गया। वन महोत्सव एवं पर्यावरण वानिकी के तहत 15 लाख पौधो का रोपण किया गया।

982.96

2013-14

रामानुजगंज, संजय वाटिका, आसना पार्क, फूलों वाली पहाड़ी, रामटेकरी, बिलासाताल, मदकूदीप, इंदिरा उद्यान, डोंगरी गुड़ा पहाड़ी, वन चेतना केन्द्र मनगट्‌टा, राजीव स्मृति वन, सोनडोंगरी, लखदीदेवी, कानन पेंडारी, स्मृति वाटिका बिलासपुर, खूंटाघाट, हनुमानगढ़ी कटघोरा, राम झरना रायगढ़, इंदिरा उद्यान रायगढ़, अशोक वाटिका, ईशास वन कांकेर।

1080.69



सड़के तथा भवन निर्माण कार्य


इस योजना में मांग संखया 10 एवं 41 के अंतर्गत वन विभाग के विभिन्न स्तर पर कार्यालय निर्माण, विभागीय कर्मचारियों/अधिकारियों हेतु आवासीय भवनों का निर्माण, वनमार्ग उन्नयन कार्य कराया जाता है। वर्षवार कार्य निम्नानुसार है :
                                                                                                                                                               (राशि लाख में)

वित्तीय वर्ष

भवनों की संख्या

बजट प्रावधान

व्यय राशि

2011-12

280 आवासीय भवन, 3 नए वनमंडल कार्यालय भवन एवं 50 कि.मी. वनमार्ग उन्नयन

965.00

958.62

2012-13

98 कार्यालय एवं आवास भवन तथा

71 कि.मी. वनमार्ग उन्नयन

1180.00

1129.03

2013-14

122 कार्यालय एवं आवास भवन, 31 वाहन चालक कक्ष (आंशिक) तथा 85 कि.मी. वनमार्ग उन्नयन

1550.00

1438.04



पौधा प्रदाय योजना


निजी भूमि में पौधा रोपण को प्रोत्साहित करने के लिए विभाग ने 'पौधा प्रदाय योजना' प्रारंभ की है, जिसके अंतर्गत किसी भी भू-स्वामी को 1000 पौधे की सीमा तक 1 रुपये प्रति पौधा की रियायती दर पर, उसकी मांग अनुसार पौधे प्रदाय किये जाते हैं। 
योजना अंतर्गत वर्ष 2012-13 में 33.67 लाख पौधों का वितरण किया गया। वर्ष 2013-14 में 31.77 लाख पौधा तैयार तथा 15.19 लाख पौधे वितरण किया गया है। 


नदी तट वृक्षारोपण योजना


प्रदेश की बारहमासी नदियों के तटों पर भू-क्षरण रोकने एवं नदियों में पानी के बहाव को बनाये रखने के उद्‌देश्य से विभाग द्वारा 'नदी तट वृक्षारोपण योजना' प्रारंभ की गई है। योजना अंतर्गत वर्ष 2012-13 में 510 हे. में तैयारी, 298 हे. में रोपण तथा 20.80 लाख पौधों का रखरखाव कार्य किया गया है। वर्ष 2013-14 में 708 हे. रोपण, 1276 हे. तैयारी तथा 626 हे. रोपण क्षेत्रा तथा 8.71 लाख पौधों का रखरखाव कार्य किया गया है।

पथ वृक्षारोपण


इस योजनांतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य मार्गों, जिला मुखय मार्गों तथा ग्रामीण मार्गों के किनारे वृक्षारोपण कार्य किया जाता है। वित्तीय वर्ष 2012-13 में 72 कि.मी. में पथ वृक्षारोपण 283 कि.मी. में रखरखाव कार्य किया गया है। वर्ष 2013-14 में 82 कि.मी. में तैयारी, 78 कि.मी. सड़क किनारे वृक्षारोपण एवं 217 कि.मी. वृक्षारोपण का रखरखाव कार्र्य किया गया है। 

वनमार्गो पर रपटा एवं पुलिया निर्माण


इस योजना अंतर्गत वनक्षेत्रा से गुजरने वाले वनमार्गों पर रपटा/पुलिया निर्माण किया जाता है जिससे आंतरिक क्षेत्रोंमें रहने वाले वनवासियों/ वनग्रामवासी के आवागमन तथा वनोपज निकासी में सुविधा हो सके। वित्तीय वर्ष 2012-13 मे 416 रपटा/पुलिया का निर्माण किया गया है। वर्ष 2013-14 में 475 रपटा/पुलिया निर्माण का कार्य किया जा रहा है।

कार्य आयोजनाओं के अनुसार कूपों में कार्य


बिगड़े वनों का सुधार, बिगड़े बांस वनों का सुधार कार्य प्रबंधन वृत्तों के अतिरिक्त अन्य प्रबंधन कार्य वृत्तों के प्रावधानित क्षेत्रा में निम्नानुसार कार्य किया गया  है -

वर्ष 2011-12 

कार्य वृत्त

उपलब्धि (हे. में)

भू एवं जल संरक्षण/वाटरशेड मैनेजमेंट वर्किंग सर्किल

49430

प्रोटेक्शन वर्किंग सर्किल

39468

स्पेशल साल रिहेबिलिटेशन वर्किंग सर्किल

685

तेजी से बढ़ने वाले वृक्षारोपण

1867

अतिक्रमण व्यवस्थापन के बदले वृक्षारोपण

465

मेन फेंलिग के कूपों में पुनरोत्पादन कार्य

28507

एस.सी.आई. कूपों में छठवें वर्ष का वन वर्धनिक कार्य

37530

पुराने बांस वृक्षारोपण क्षेत्रा में छठवें वर्ष का वनवर्धनिक कार्य

5607

वर्ष 2012-13 में चल रहे कार्य 

कार्य वृत्त

उपलब्धि (हे. में)

भू एवं जल संरक्षण/वाटरशेड मैनेजमेंट वर्किंग सर्किल (सर्वे सीमांकन एवं उपचारण)

35776

प्रोटेक्शन वर्किंग सर्किल (सर्वे सीमांकन एवं उपचारण)

41658

स्पेशल साल रिहेबिलिटेशन वर्किंग सर्किल

634

तेजी से बढ़ने वाले वृक्षारोपण

1553

अतिक्रमण व्यवस्थापन के बदले वृक्षारोपण

435

मेन फेंलिग के कूपों में पुनरोत्पादन कार्य

18284

एस.सी.आई. कूपों में छठवें वर्ष का वन वर्धनिक कार्य

8033

पुराने बांस वृक्षारोपण क्षेत्रा में छठवें वर्ष का वनवर्धनिक कार्य

2462

वर्ष 2013-14 में चल रहे कार्य 

कार्य वृत्त

उपलब्धि (हे. में)

भू एवं जल संरक्षण/वाटरशेड मैनेजमेंट वर्किंग सर्किल

(सर्वे सीमांकन एवं उपचारण)

40000

प्रोटेक्शन वर्किंग सर्किल (सर्वे सीमांकन एवं उपचारण)

35351

स्पेशल साल रिहेबिलिटेशन वर्किंग सर्किल

674

तेजी से बढ़ने वाले वृक्षारोपण

146

अतिक्रमण व्यवस्थापन के बदले वृक्षारोपण

277

मेन फेंलिग के कूपों में पुनरोत्पादन कार्य

25891

एस.सी.आई. कूपों में छठवें वर्ष का वन वर्धनिक कार्य

16967

पुराने बांस वृक्षारोपण क्षेत्रा में छठवें वर्ष का वनवर्धनिक कार्य

3000



वृक्षारोपण


प्रदेश में वन क्षेत्रोंके प्रबंधन हेतु वनमंडलवार अनुमोदित कार्य आयोजनाओं के प्रावधानों के अनुसार रिक्त एवं बिगड़े वनक्षेत्रोंमें वृक्षारोपण कार्य कराया जाता है। 
तीन वर्षों में वन विभाग द्वारा वनक्षेत्रोंमें वनीकरण की दिशा में किये गए प्रयास निम्नानुसार हैं 

वर्ष

रोपित पौधों की संख्या (पौधें लाखों में)

2011-12

469.00

2012-13

476.72

2013-14

490.12



एकीकृत वन ग्राम विकास योजना


  • प्रदेश के कुल वनग्रामों की संखया     -    425
  • वनग्रामों की जनसंखया           -    1,26,584

प्रदेश में वनक्षेत्रोंके अधीन कुल 427 वनग्राम अधिसूचित हैं जिसमें से 02 वनग्राम वीरान/डूब में हैं। सुदूर वनांचलों में स्थित होने तथा इन ग्रामों मे विकास के कार्यों की पर्याप्त स्वीकृति न मिलने के फलस्वरूप यह वनग्राम अन्य राजस्व ग्रामों की तुलना में अत्यंत पिछड़े हुये हैं। भारत सरकार, जनजातीय कार्य मंत्राालय द्वारा वनग्रामों के विकास हेतु एकीकृत वनग्राम विकास योजना स्वीकृत की गई है। यह योजना वर्ष 2005-06 से लागू है।

एकीकृत वनग्राम विकास के तहत्‌ स्थानीय आवश्यकता के अनुरुप वनग्रामों में पहुंच मार्ग का विकास, कृषि विकास, पेयजल सुविधाओं का विकास, सिंचाई सुविधाओं का विकास, स्वास्थ्य सुविधाओं का विकास, उद्यानिकी विकास, शिक्षण सुविधाओं का विकास एवं आर्थिक उन्नति के लिये रोजगार मूलक योजनाओं का क्रियान्वयन आदि कार्य स्वीकृत किये गये हैं।  

योजना का क्रियान्वयन क्षेत्राीय वन संरक्षकों की अध्यक्षता में गठित वन विकास अभिकरण एवं उनके अंतर्गत संबंधित संयुक्त वन प्रबंधन समिति द्वारा किया जाना है। योजना का अनुश्रवण प्रधान मुखय वन संरक्षक कार्यालय एवं आदिम जाति एवं अनुसूचित विकास विभाग द्वारा किया जा रहा है। 




योजना के क्रियान्वयन की प्रगति


योजना के क्रियान्वयन की प्रगति निम्नानुसार है :-

वनग्राम जिनकी योजना स्वीकृत- 415 वनग्राम
कुल स्वीकृत राशि - रू. 12711.87 लाख 
कुल प्राप्त राशि - रू. 12349.16 लाख 
मार्च 2014 तक व्यय -   रू. 11432.99 लाख
कुल स्वीकृत कार्य -   8542 कार्य 
कार्य पूर्ण -   8423 कार्य 
कार्य प्रगति पर -   119 कार्य 


13वें वित्त आयोग की अनुशंसा से प्राप्त अनुदान


13वें वित्त आयोग की अनुशंसा से प्राप्त अनुदान योजनांतर्गत प्रावधान का विवरण :-
वर्ष 2013-14 
(राशि लाख में)

S. No.

Description of the work

Unit

2013-14

Physical

Financial

1

2

3

4

5

1

Installation of generators at important offices

No.

 40

200

2

Community organization and capacity Building/ Training

No.

400

  70

3

Improving rural infrastructure in Forest village

 

80 Forest Village

800

4

Upgradation of Forest Roads

 

 

 

 

a. Maintenance of 100 Km WBM Road

KM

100

2100

 

b. Upgradation of 175 km into WBM Road

KM

175

 

5

Rehabilitation & Regeneration (including plantation) of Degraded forests and Bamboo Forests and Sal Plantation

Ha.

Maintenance 8300
New Area 5600

1500

6

Upgradation of Nurseries (Part)

No.

22

500

7

Non convention energy resources, Rain water harvesting

 

L.S.

125

8

Improvement of Basic Amenities in Forest Colonies

 

L.S.

350

9

Construction and strengthening of Forest Barriers

No.

30

135

10

Wildlife Habitat Development outside Protected Area

No.

1 spots

100

11

Entry point activity in JFM Committees

JFMC no.

100

750

12

Infrastructure Development works Proposed in sale Depot

No.

   12

600

13

Training and Development of training infrastructure

 

L.S.

 30

14

Environmental Education to School/College Students

 

5000 students

200

15

Eco-Tourism Development outside Protected Areas through local JFMCs

 

5 spots

150

16

Assisted Natural Regeneration Work in Harvested Coupes

 

 

 

 

a. IFS Coupes

Ha.

Maintenance 8048
New area 10000

 893

 

b. Bamboo Coupes

Ha.

Maintenance 3060
New area 5000

  275

 

Grand Total :-

 

 

8778




आयोजना - बजट प्रावधान एवं व्यय राशि (योजनावार)


वित्तीय वर्ष 2013-14 (मार्च 2014 की स्थिति में)
(राशि लाख में)

बजट मद व योजना का नाम

प्रावधान

व्यय राशि

1

2

3

(2723) - प्रशासन सुदृढ़ीकरण

95.00

49.34

(1859) - वन अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केन्द्र की स्थापना

207.45

175.69

(1859) - राज्य वन अनुसंधान संस्थान की स्थापना (भवन निर्माण)

250.00

212.97

(6025) - वन संसाधनों का सर्वेक्षण और उपयोग

25.00

8.30

(2536) - पर्यावरण वानिकी

1,100.00

1080.69

(2965) - बिगड़े वनों का सुधार

12400.00

12230.59

(5089) - राज्य में वानिकी अनुसंधान

150.00

149.79

(6723) - संयुक्त वन प्रबंधन का सुदृढ़ीकरण एवं विकास

700.00

626.16

(6827) - भू एवं जल संरक्षण कार्य

2,150.00

2096.60

(1004) - नदी तट वृक्षारोपण योजना

775.00

776.31

(1902) - तेजी से बढ़ने वाले वृक्षारोपण बांस रोपण सहित

740.00

739.41

(2533) - हरियाली प्रसार योजना

480.00

487.06

(2534) - पौधा प्रदाय योजना

200.00

139.46

(6724) - बांस वनों का पुनरोद्धार

5500.00

5291.38

(6828) - पथ वृक्षारोपण

740.00

724.41

(7563) - अतिक्रमण व्यवस्थापन के बदले वृक्षारोपण

455.00

435.64

(5420) - राज्य औषधि वनस्पति मंडल की स्थापना

450.00

450.00

(6792) - लघुवनोपज संग्राहक की सामूहिक बीमा योजना

250.00

250.00

(792)  - कर्मचारी कल्याण योजना

270.00

206.85

(4342) - सड़कें तथा मकान निर्माण कार्य

1,550.00

1438.04

(6886) - वन मार्गो पर रपटा एवं पुलिया निर्माण

2,100.00

2115.37

(6516) - ग्राम वन समितियों के माध्यम से लघु वनोपज/ औषधी रोपण

800.00

783.39

(4475) - सामाजिक वानिकी

330.00

326.53

(5091) - लोक संरक्षित क्षेत्रों की स्थापना

287.50

94.56

(6854) - लाख विकास योजना

250.00

250.00

(7292) - छत्तीसगढ़ सर्टिफिकेशन सोसायटी

18.00

10.00

(6992) - वन अधिकारों की मान्यता

100.00

82.25

(7322) - बांस प्रसंस्करण इकाई

120.00

114.01

(6699) - वन विकास उपकर निधि से व्यय

1,760.00

1734.44

(5231) - लघु वन उपज कार्य हेतु लघु वनोपज संघ को अनुदान

-

-

केन्द्र प्रवर्तित योजना

(5538) एकीकृत वन सुरक्षा योजना

1,500.00

509.22

केन्द्रीय क्षेत्रीय योजना

(5231) - लघु वन उपज कार्य हेतु लघु वनोपज संघ को अनुदान

200.00

-

अतिरिक्त केन्द्रीय सहायता

(7531) - त्वरित वनक्षेत्र पुनरोत्पादन/पुनरोट्ठार कार्यक्रम

1.00

-

विदेशी सहायता प्राप्त परियोजना

(6725) - यूरोपियन कमीशन राज्य साझेदारी कार्यक्रम के अंतर्गत प्राप्त अनुदान

200.00

200.00

योग :- 10 + 41 + 64

36153.95

33788.46

48-(7416) 13वां वित्त आयोग की अनुसंशा से प्राप्त सहायता अनुदान

10572.91

9407.41

महायोग :-

46726.86

43195.87



वर्षवार वृक्षारोपण जानकारी




1.4.13 राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारण्टी योजना


भारत सरकार द्वारा पारित राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारण्टी अधिनियम 2005 के प्रावधान अंतर्गत केन्द्र शासन एवं छत्तीसगढ़ शासन द्वारा अधिसूचित क्षेत्रोंमें निवासरत्‌ समस्त ग्रामीण परिवारों के एक वयस्क सदस्य को एक वित्तीय वर्ष में 150 दिन का रोजगार प्राप्त करने की पात्राता दी गई है । छत्तीसगढ़ शासन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा उपरोक्त अधिनियम के अंतर्गत छत्तीसगढ़ ग्रामीण रोजगार गारण्टी योजना प्रारंभ की गई है । वन विभाग द्वारा इस योजनांतर्गत बिगड़े वनों का सुधार, बिगड़े बांस वनों का सुधार, पथ वृक्षारोपण, मिश्रित वृक्षारोपण, बांस वृक्षारोपण, आवागमन सुविधा हेतु पहुंच मार्ग का निर्माण/उन्नयन, जल संवर्धन एवं संरक्षण कार्य और अन्य रोजगार मूलक कार्य किए जा रहे हैं। 
इस योजना के अंतर्गत किए गए कार्यों का वर्षवार मार्च 2014 की स्थिति में विवरण निम्नानुसार हैः-

                 (राशि लाखों में)

वर्ष

योजनांतर्गत

कार्यों की प्रगति

रोजगार मानव दिवस

स्वीकृत कार्यो की संखया

स्वीकृत राशि

प्राप्त राशि

व्यय राशि

पूर्ण

प्रगति पर

निरस्त कार्यों की संखया

1

2

3

4

5

6

7

8

9

2011-12

1760

12277.72

6738.04

6853.69

1185

544

31

3104671

2012-13

1456

10053.70

4964.78

4750.94

323

1131

2

2086890

2013-14

2644

15854.69

4769.22

4259.42

236

2408

0

1795151

;ksx

5860

38186.11

16472.04

15864.05

1744

4083

33

6986712



Last Updated on : 19 May 2016 11:16:43 Copyright © 2013-14 Chhattisgarh Forest Department, All Rights Reserved. Site Powered by MIS CELL